पिम्पल्स होने से कैसे रोके 

पिम्पल्स होने से कैसे रोके : पिंपल्स होने के कारण आज कल बहुत लोग परेशान हैं। पिंपल्स होने से हमारी खुबसूरती उनके पीछे छिप सी जाती है और इसी खुबसूरती को जल्द से जल्द लाने के चक्कर में लोग chemicals का use करने लगते है जिससे ओर भी चेहरा खराब हो सकता है। क्योंकि हमारा चेहरा बहुत नाजुक होता है उस पर ऐसे chemicals का use करना उसके लिए अच्छा नही है और side effects हो जाते है। 

पिंपल्स सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करती है। हमारे शरीर में हार्मोन (hormones) बढ़ने की वजह से युवा लोग मुँहासों से सबसे अधिक पीड़ित होते हैं। Time से न सोने के कारण, बहुत अधिक तनाव के कारण, अस्वस्थ भोजन की आदत और एक व्यस्त जीवन शैली यह सभी मुँहासे पैदा होने का कारण हो सकते है। इनका कोई निश्चित , उपाय तो नहीं है, किंतु कुछ आसान घरेलू उपाय ज़रूर हैं, जिनका सहायता से मुँहासे खत्म किए जा सकते है। आइए इस post के माध्यम से हम पिंपल्स को रोकने के कुछ उपायों पर बात करेंगे।

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पिम्पल्स होने से कैसे रोके 

पिम्पल्स होने के अलग अलग कारण होते है और इसको रोकने के अलग अलग उपाय भी होते है इसके लिए हमने इस आर्टिकल में बताया है कि चेहरे पर पिम्पल होने से कैसे रोके। इन उपायों को करने से आपके फेस पर पिम्पल्स भी नहीं होंगे और निखार भी आ जायेगा। 

मुंहासों के लक्षण (Symptoms of Pimples) – 

वैसे तो मुँहासों का निकलना ही उसका मूल लक्षण  है। परंतु कुछ और भी लक्षण है-

  • रोम छिद्र का बंद होना (White heads)
  • छोटी-छोटी लाल रंग की गाँठे (Papules)
  • गाँठों में पस का भरना (Pus)
  • बड़ी-बड़ी लाल रंग की पुटि (Cyst)

एलोवेरा जैल- 

एलोवेरा में शांत और सूजन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं जो कुछ ही दिनों में मुँहासे का treatment कर सकते हैं।  एलोवेरा जैल स्कार मार्क्स के निदान में भी कारगर माना जाता है। एलोवेरा आसानी से अब market में available होता है और आप इसका पेड़ भी अपने घर में लगा सकते है जिससे की आपको बिलकुल natural एलोवेरा मिलेगा। इसे use करने के लिए एलोवेरा पौधे से एक पत्ता काटें और बीच में से उसको दबाएं, इसके द्वारा आप pure एलोवेरा जैल प्राप्त कर सकते हैं। दिन में कम से कम दो बार  जरूर use करें।

मेथी से- 

मेथी को अपने सूजन को कम करने, एंटीऑक्सिडेंट (antioxidant)  और एंटीसेप्टिक (antiseptic) गुणों के कारण मुँहासे के इलाज में भी use किया जा सकता है।  पानी के साथ ताजा मेथी के पत्ते मिक्स कर एक चिकना पेस्ट बना लेवे।  प्रभावित क्षेत्र पर हर्बल पेस्ट को लगा कर 10 से 15 मिनट के लिए रखे। फिर गुनगुने पानी से अपना चेहरा धो लें। पिंपल्स को ठीक करने के लिए, तीन से चार दिनों तक यह प्रक्रिया को दोहराएं। वैकल्पिक रूप से, एक चम्मच मेथी के बीज को पीसें और उसका पाउडर बना लें और एक पेस्ट बनाने के लिए हलका गर्म पानी मिलाएं।  जहा मुंहासे हो रहे हैं इसे वह apply कर ले  20 मिनट या फीर रात भर भी लगाकर छोड़ सकते है और फिर धो लें, यह सप्ताह में दो या तीन बार कर सकते हैं।

नीम-  

नीम त्वचा की हुई समस्याओं के उपचार के लिए use किया जा सकता है। इसमें एंटीसेप्टिक और रोगाणुरोधी यौगिक होते हैं जो कि पिम्पल को बनाने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करने की ताकत रखता हैं। इसके अलावा, नीम लालिमा और त्वचा की सूजन में आराम देता है। नर्म नीम की पत्तियों का पेस्ट बना लें थोड़ा पानी मिलाकर बनाएं। इस पेस्ट में कुछ हल्दी पाउडर मिलाएं और फिर पिंपल्स हुई जगह पर लगा ले।इसको कम से कम 20 मिनट तक लगाए और फिर इसे धो लें। इसे एक सप्ताह में कम से कम दो बार उपयोग मे ले। जब इसमें सुधार न दिखे तो आप दिन में एक या दो बार नीम का तेल भी लगा सकते हो।

ओटमील का उपयोग- 

ओटमील मुँहासों को कम करने में help करता है क्योंकि यह हमारी त्वचा के रोम छिद्र फ़िल्टर करता है और अतिरिक्त तेल को सोख लेता है। आप एक कप पके हुए ओटमील को एक चम्मच शहद और आधे नींबू के रस में मिला लें और इस मिश्रण को अपनी त्वचा पर रगड़ें।  इसे 30 मिनट तक लगाकर रखे और फिर गुनगुने पानी से धो लेना है। आप इसे सप्ताह में एक या दो बार जरूर लगाएं। 

मुल्तानी मिट्टी- 

मुल्तानी मिट्टी oily और पिंपल वाली त्वचा के लिए असरदार है और यह अतिरिक्त oil को absorb कर, उनको रोम छिद्र से नष्ट करती है। यह रंग भी साफ करता है। मुल्तानी मिट्टी के बराबर, चंदन के पाउडर और गुलाब जल के अनुपात को मिला लें। आप पेस्ट में गुलाब जल को भी मिला सकते हो। अपने चेहरे पर गीली मिट्टी का पैक लगा ले।  सूख जाने के बाद इसे धो लें। इस प्रक्रिया को सप्ताह में एक बार जरूर करे।

बेकिंग सोडा- 

बेकिंग सोडा (Baking soda) या सोडियम बाइकार्बोनेट (Sodium Bicarbonate) हमारी skin (स्किन) के लिए एक सॉफ्ट लेयर (soft layer)  के रूप में काम करता है। इस प्रकार, यह रोम छिद्र को निकालता और dead skin clear कर देता है। यह स्किन के पीएच (PH) संतुलन को विनियमित रखने में help करता है और इसमें हल्के सूजन को कम करने और एंटीसेप्टिक (Antiseptic)  गुण भी होते है। इन सभी विशेषताओं के कारण यह मुँहासे ठीक करने के लिए एक कारगर उपाय माना जाता है। Baking soda को एक या दो चम्मच थोड़े से पानी में मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगा ले। इसे कुछ ही मिनटों के बाद धो लें। आप बेकिंग सोडा के दो बड़े चम्मच, एक चम्मच दालचीनी पाउडर, आधे नींबू का रस और पांच चम्मच शहद को एक साथ मिला लें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और पांच मिनट के बाद धो लें।  आप अपनी त्वचा पर सप्ताह में एक बार या दो बार baking soda का प्रयोग करें।

टूथपेस्ट से- 

टूथपेस्ट का नियमित use दांत साफ करने के लिए किया जाता  हैं, परंतु यह आपकी पिम्पल की समस्या को भी ठीक कर सकता है। यह मुँहासों के लिए सबसे सरल घरेलू इलाज मे से एक है। बेड पर जाने से पहले पिंपल्स की जगह पर सफेद टूथपेस्ट की एक छोटी सी मात्रा लगा ले। टूथपेस्ट सूजन को कम करता है और मुँहासों को सुखाता है।  एक या दो दिन में इसका असर दिखने लगता है।

टी ट्री आयल-  

मुँहासे के लिए एक दुसरा लोकप्रिय प्राकृतिक इलाज टी ट्री आयल है। टी ट्री आयल एक एंटीसेप्टिक (antiseptic) की तरह काम करता है।  इसके अलावा, यह मुँहासे पैदा करने वाले bacterias को मारने में help करता है। Pimples की जगह पर दिन में तीन बार चाय के पेड़ के तेल की एक बूंद लगाएं। यदि त्वचा में जलन, लालिमा या ज़्यादा ड्राई स्किन का कारण बनता है, तो टी ट्री ऑयल में पानी का उपयोग कर उसको पतला कर ले या एलोवेरा जैल के साथ यह मिक्सचर बनाएं और फिर अपने चहरे पर लगा ले।

संतरे का छिलका- 

संतरे में मौजूद अम्लीय गुण और हाई विटामिन सी (high vitamin c)  पिम्पल्स के लिए एक कारगर उपाय है। आप संतरे के रस के साथ उसके छिलके का भी इस्तेमाल कर सकते हो,इसका छिलका और ज्यादा लाभकारी है। धूप में संतरे के छिलके डालकर उनको पूरी तरह से सुखा लें। सुखे छिलकों को पाउडर के रूप में पीसें और एक पेस्ट बनाने के लिए पानी मिला दे।इस पेस्ट को पिंपल्स हुई जगह पर लगाएँ और 10 से 15 मिनट के लिए ऐसे ही रखे। इसके बाद थोड़े कम गरम पानी से अपना चेहरा धो लें। 

नींबू- 

नींबू के एसिडिक (acidic nature)  गुण मुँहासे के निदान में बहुत कारगर हो सकते हैं।  नींबू चेहरे से गंदगी को साफ कर देता है, जो की रोम छिद्र में जमा हो जाती है। आप इसका नित्य रूप से अपनी त्वचा पर use कर सकते हैं,  अगर यह त्वचा को अधिक सुखा पन कर रहा है तो हर दो या तीन दिन में इसका use करें। पिंपल्स हुई जगह पर नींबू का एक टुकड़ा रगड़े और पानी से अपना चेहरा धोने से पहले कुछ घंटों के लिए लगाकर छोड़ दें। आप सामान मात्रा में नींबू के रस के साथ गुलाब जल का मिश्रण भी तैयार कर सकते हो और अच्छी तरह से प्रभावित क्षेत्र को ठीक करने के लिए इस समाधान का use कर सकते हो।

Conclusion – 

मुझे उम्मीद है की आपको इस post से काफ़ी मदद मिलेंगी। किस तरह हमारी skin जरूरी है और इसकी care करना भी कितनी जरूरी है। यह हमने कुछ घरेलू उपाय भी explain किए हैं। जिनकी मदद से आप अपने पिंपल्स easily सही कर सकते हो।face clean होगा तो हमारी सुंदरता भी उभर कर आएगी। इस post को ज्यादा से ज्यादा अपने relatives और friends को ज़रूर share करे।

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